अब तो हम पुराने हो गए हैं यारों. बहुत सोचता हूँ कि शयद कोई न कोई पुराना दोस्त इस दुनिया में मुझसे भी आगे होगा. लेकिन पिछले दो साल से नेट पर हूँ और ब्लॉग की दुनिया में भी लेकिन अब तक तों किसी पुराने दोस्त ने संपर्क नहीं किया, कोई हो जिसको मेरी याद हो तो सम्पर्ट करो यार.
सोमवार, 29 अगस्त 2011
सोमवार, 11 अप्रैल 2011
fir milo
ब्लॉग की दुनिया में आ तो गया लेकिन आगे तक जा नहीं पाया. बुज्ज़ पर भी कोई पुराना मित्र नहीं मिला. अगर कोई मेरा मित्र यह ब्लॉग देख रहे हों तो मेहरबानी करके संपर्क करें.
राकेश.
रविवार, 30 जनवरी 2011
naya sal
नए वर्ष पर यह पहली बार अपने ब्लॉग पर आ पाया हूँ. यों हमने बड़े बड़े लेख ब्लॉग पर डाले, लेकिन उसपर आयी टिप्पणियों का जो जवाब हमने भेजा, वो लोगों को मिला या नहीं, यह समझ नहीं पाए. इसलिए आगे हमारी गति रुक सी गयी है. कई और लोगों का ब्लॉग देखा जो बहुत रोचक है. लेकिन खुद वो सब कैसे करूँ, इसके लिए समय और तरीका दोनों ही नहीं निकल पा रहा हूँ. इस नए साल पर अपनी ग्यारह किताबें निकलने का संकल्प लिया है, तो समय शायद ही मिले. एक और बात जो कम से कम जानना चाहता हूँ, की जब दश बोर्ड पर दिए गए निर्देश सिर्फ डोट्स की शक्ल में दीखते हैं तो उनको समझने के लिए क्या करना चाहिए.
एक बार सभी मित्रों को नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें.
एक बार सभी मित्रों को नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें.
सदस्यता लें
संदेश (Atom)